जीवाश्म हमेशा से वैज्ञानिकों के लिए अतीत में झांकने की खिड़की रहे हैं। ये अतीत में दुनिया कैसी थी, कौन-सी वनस्पतियां थीं, कौन-से जीव थे, विकास किस तरह से हुआ वगैरह समझने का एक मौका देते हैं। अब, दक्षिण अमेरिका में मिले एम्बर भंडार और उनमें कैद कीटों ने 11.2 करोड़ वर्ष पूर्व के गोंडवाना महाद्वीप के पारिस्थितिक तंत्र की एक झलक दिखलाई है।
दरअसल, मध्य इक्वाडोर में खनन के दौरान प्राचीन एम्बर का भंडार मिला है, और उनमें से कई एम्बर में कीट भी कैद मिले हैं। गौरतलब है कि पेड़ों से रिसती राल (रेज़िन) में छोटे-छोटे कीट, वनस्पति अवशेष आदि फंस जाते हैं और उनके अंदर सुरक्षित हो जाते हैं।
सम्भालकर निकाले गए 60 एम्बर में से 21 में कई तरह के जीव कैद थे: मक्खियां, गुबरैला, चींटियां, ततैया, यहां तक कि मकड़ी के जाले का टुकड़ा भी।
एम्बर का रासायनिक विश्लेषण करने पर पता चला कि यह रेज़िन विशाल, नुकीले शंकुधारी वृक्षों (जैसे मंकी पज़ल वृक्ष) से रिसा था। चूंकि एम्बर में जो प्रजातियां कैद हैं उनके लार्वा पानी में फलते-फूलते हैं, इसलिए शोधकर्ताओं को लगता है कि तब आसपास की जलवायु आर्द्र रही होगी। आसपास की चट्टानों में पाए गए बीजाणुओं (spores) और पराग के आधार पर लगता है कि दक्षिण अमेरिका के क्रेटेशियस वनों में उस समय ऊंचे शंकुधारी वृक्ष, फर्न और विविध तरह के कीट रहे होंगे। ये नतीजे कम्युनिकेशंस अर्थ एंड एनवायरनमेंट में प्रकाशित हुए हैं। (स्रोत फीचर्स)