वैसे तो यह पता ही है कि कई मामलों में स्थिर विद्युत पेड़-पौधों और जंतुओं की मदद करती है। जैसे यह देखा जा चुका है कि स्थिर विद्युत परागकणों को कीटों पर चिपकने में मदद करती है, कीटों को मकड़ी के जालों में फंसाने में काम आती है और मकड़ियों को समुद्र पार करने में मददगार होती है।
अब इसी स्थिर विद्युत का एक और करिश्मा उजागर हुआ है। वैसे स्थिर विद्युत काफी जानी-पहचानी चीज़ है। जब कंघी को सूखे बालों पर रगड़ते हैं या मोरपंख को कागज़ में से घसीटते हैं तो उनमें आसपास पड़े कागज़ के टुकड़ों को आकर्षित करके चिपकाने का गुण आ जाता है। आजकल प्लास्टिक की कुर्सियों को किसी ऊनी कपड़े से रगड़कर चिंगारियां पैदा करना बच्चों का पसंदीदा खेल बन गया है। और चिंगारियां इसलिए पैदा होती हैं क्योंकि कुर्सी पर स्थिर विद्युत आवेश पैदा हो जाता है।
प्रोसीडिंग्स ऑफ दी नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस (यूएस) में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि आधा मिलीमीटर साइज़ का एक गोल कृमि (Steinernema carpocapsae) भी इससे लाभान्वित होता है। यह कृमि अपनी साइज़ से 20 गुना तक ऊंची छलांग लगाकर उड़ते कीटों को निशाना बना लेता है और उनके शरीर में जानलेवा बैक्टीरिया डालकर उन्हें मार देता है।
दरअसल इल्लियों और अन्य नुकसानदेह कीटों को मारने के लिए किसान अपने खेतों में गोल कृमि छोड़ते हैं। ये जीव खेत में विचरती इल्लियों और कीटों (जैसे फलमक्खियों) को मारने के लिए इनकी ओर हवा में लंबी छलांग लगाते हैं, और अपने मेज़बानों के शरीर में घातक बैक्टीरिया छोड़ देते हैं।
अलबत्ता, आप देख ही सकते हैं निशाना थोड़ा भी चूका तो जानलेवा हो सकता है क्योंकि वहां पहुंचकर भोजन नहीं मिलेगा और सूखने की नौबत आ सकती है। शोधकर्ता यह समझना चाहते थे कि निशाना चूकने की वारदात क्यों नहीं होती।
जांच करने के लिए शोधकर्ताओं ने जीवित फलमक्खी को लिया और उसे तांबे के तारों से जोड़ दिया। यह फलमक्खी गोल कृमि (Steinernema carpocapsae) का आम शिकार है। तांबे का तार फलमक्खी के स्थिर विद्युत आवेश का नियंत्रण करता था। इसके बाद उन्होंने इस मक्खी को Steinernema carpocapsae की एक बस्ती से करीब 6 मिलीमीटर ऊपर लटका दिया। आगे की वारदात स्लो मोशन कैमरा पर रिकॉर्ड की गई।
देखा गया कि जब मक्खी पर आवेश एक सामान्य उड़ते हुए कीट के आवेश के स्तर का था, तब सारे के सारे 18 गोल कृमि अपने शिकार पर पहुंच गए थे। दूसरी ओर स्थित विद्युत की अनुपस्थिति में सफलता की दर बहुत कम रही। पूरी वारदात का वीडियो देखने के लिए: https://phys.org/news/2025-10-fatal-electric-worm-aerial-prey.html (स्रोत फीचर्स)