यह जानकर हैरानी होगी कि तंबाकू (जिससे बीड़ी-सिगरेट बनाई जाती है) अवसाद, चिंता और ट्रॉमा-उपरांत तनाव जैसे मानसिक विकारों का उपचार करने में सहायक हो सकती है।
हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पांच नशीले पदार्थों को एक साथ तंबाकू के पौधों में पनपाने का प्रयास किया है। इनमें से कुछ हैं - जादुई मशरूम के साइलोसाइबिन, अयाहुआस्का के अवयव और मेंढकों की आंखों से स्रावित होने वाले ब्यूफोटेनिन पदार्थ। यह खोज साइंस एडवांसेस पत्रिका में प्रकाशित हुई है। 
वैज्ञानिक लंबे समय से इस खोज में लगे हैं कि पौधे और कुछ जंतु मतिभ्रामक (अफीमी) पदार्थ कैसे बनाते हैं। आखिरकार, अब वे कुछ पदार्थों के बनने की पूरी प्रक्रिया पता करने में सफल हो गए हैं। इस अध्ययन में उन्होंने ट्रिप्टोफेन नामक अमीनो एसिड से N,N-डाइमेथाइलट्रिप्टामाइन (DMT) बनने की प्रक्रिया समझी। DMT प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला मनोभ्रामक (साइकेडेलिक) पदार्थ है। यह प्रबल मतिभ्रम और मायावी मानसिक अनुभव देता है - अवास्तविक और अलौकिक चीज़ें घटने का एहसास कराता है। इसका असर तेज़ी से होता है, लेकिन बहुत कम समय तक रहता है। DMT अमेज़न के पारंपरिक नशीले पेय अयाहुआस्का का मुख्य घटक है। इसे अमेज़न के जंगल में पाए जाने वाले चक्रुना (साइकोट्रिया विरिडिस) पौधे से बनाया जाता है।
वैज्ञानिकों ने कई पौधों में DMT की मात्रा मापी, जिसमें से उन्हें ऐसे दो पौधे मिले जिनमें DMT की मात्रा सबसे अधिक थी - साइकोट्रिया विरिडिस और अकेशिया एक्यूमिनाटा। उन्होंने इन दो पौधों के ऊतकों में दो ऐसे सक्रिय जीन खोजे जो DMT बनाने वाले एंज़ाइम बनाते हैं।
अगले चरण में शोधकर्ताओं ने जीन संपादन तकनीक से इन दो जीन्स को तंबाकू के जीनोम में जोड़ दिया। तंबाकू के पौधों को ही शोधकर्ताओं ने इस कार्य के लिए इसलिए चुना क्योंकि तंबाकू के पौधे बहुत ज़्यादा ट्रिप्टोफेन बनाते हैं और ट्रिप्टोफेन DMT का पूर्ववर्ती है। ट्रिप्टोफेन की प्रचुरता ने ही शोधकर्ताओं को तंबाकू में अन्य ट्रिप्टोफेन-आधारित अफीमी पदार्थ भी बनवाने की प्रेरणा दी – जैसे साइलोसाइबिन, ब्यूफोटेनिन और 5-मेथॉक्सी-डीएमटी।
कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। जैसे शुरू में तंबाकू के पौधे ने 5-मेथॉक्सी-डीएमटी बहुत कम बनाया। तो, उन्होंने AlphaFold3 नामक एआई सॉफ्टवेयर की मदद से पता लगाया कि मुख्य एंज़ाइम ठीक से काम क्यों नहीं कर रहा। जीन में परिवर्तन करने के बाद तंबाकू के पौधों ने पहले से 40 गुना अधिक 5-मेथॉक्सी-डीएमटी बनाया।
फिर, शोधकर्ता तंबाकू के पौधों में अलग-अलग मादक पदार्थ बनाने के जीन जोड़ते गए और एक ही पौधे में पांच अलग-अलग प्रकार के नशीले पदार्थ एक साथ बनाने में सफल हुए। हालांकि एक साथ बनने के कारण हर पदार्थ कम मात्रा में बना लेकिन उम्मीद है कि अधिक अध्ययन करके एक दिन पदार्थों की काफी मात्रा बन पाएगी और तंबाकू के ज़रिए तनाव का इलाज संभव हो जाएगा। (स्रोत फीचर्स)
-
Srote - June 2026
- जन-आंदोलन के रूप में स्वास्थ्य सेवा: शहीद अस्पताल
- नवजात शिशुओं को बचाने में नाकाम विश्व
- शराब कम करने में मददगार हार्मोन
- तंबाकू से होगा मनोविकार का उपचार
- क्या कीटनाशकों से बढ़ रहा मधुमेह का खतरा?
- पारंपरिक दवाओं की प्रभाविता पर जांच
- बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव पर ऐतिहासिक फैसला
- क्या ढलती उम्र को पलटना संभव है?
- देखभाल के नाम पर त्वचा खराब तो नहीं कर रहे?
- ये पक्षी सचमुच ‘चूसते' हैं
- कुत्ते कब पालतू बने?
- इमारतों और प्रकृति के बीच तालमेल
- मरकर फिर ज़िंदा हो जाने वाले ज़ॉम्बी पौधे!
- चांद पर आलू उगाने के प्रयास
- आधुनिक टेक्नॉलॉजी के चालक: दुर्लभ मृदा तत्व
