कुछ तितलियों में ऐसा अनुकूलन हुआ है कि लगता है उनके दो सिर हैं। माना जाता है कि यह विशेषता उन्हें शिकारियों से बचने में मदद करती है। जीव वैज्ञानिक यह समझने के प्रयास करते रहे हैं कि यह विचित्र अनुकूलन हुआ कैसे। पहले तो यह देखते हैं कि ‘दूसरे सिर' का मतलब क्या है।
दरअसल, कुछ तितलियों के पंखों पर कुछ ऐसे पैटर्न और संरचनाएं विकसित हो जाती हैं कि वहां एक और सिर की उपस्थिति का भ्रम होता है। जैसे वहां छद्म एंटेना उभर आते हैं, चटख रंग उभर आते हैं, पंख पर धारियों के पैटर्न बन जाते हैं, बड़े-बड़े धब्बे बन जाते हैं और सिर के समान संरचना विकसित हो जाती है। ऐसा माना जाता था कि ये सारे गुणधर्म एक साथ, एक बारगी प्रकट हो गए ताकि शिकारियों को भटकाया जा सके। लेकिन यह समझा नहीं जा सका था कि इन विशेषताओं का जैव-वैकासिक इतिहास क्या है।
अब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइन्स एजूकेशन एंड रिसर्च (IISER, तिरुअनंतपुरम) के तरुणकिश्वर सुमनम और उल्लसा कोडांडरमैया ने प्रोसीडिंग्स ऑफ रॉयल सोसायटी-बी में इस सवाल पर प्रकाश डाला है और चरण-दर-चरण इस गुण के विकास की परतें खोली हैं।
एक बात तो पहले से पता थी - तितलियों के पंखों के पिछले सिरे पर विकसित इन गुणधर्मों का उनकी उड़ान या प्रजनन जैसे कार्यों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होता है। लेकिन छद्म सिर से जुड़े इन परिवर्तनों के उभरने का क्रम क्या था? इसकी समझ बनाने के लिए आइसर के वैज्ञानिकों ने तितलियों की लगभग 1000 प्रजातियों के चित्रों का विश्लेषण किया और यह ध्यान दिया कि प्रत्येक प्रजाति में छद्म सिर के कौन-कौन से लक्षण नज़र आते हैं। इसके बाद शोधकर्ताओं ने एक वंशवृक्ष तैयार करके यह देखा कि छद्म सिर वाली प्रजातियां एक-दूसरे से कितनी निकटता से सम्बंधित हैं। इस वंशवृक्ष के कंप्यूटर विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि छद्म सिर के पांच में से चार लक्षण - नकली एंटेना, सिर के समान बनावट, चटख रंग और पंख पर चमकीला धब्बा - परस्पर सम्बंधित रूप से प्रकट हुए हैं। इस विश्लेषण से यह भी पता चला कि इन लक्षणों का उभरना किस क्रम में हुआ है। पता चला कि पंख के चटख रंग सबसे पहले प्रकट हुए और उसके बाद पंखों पर धारियों का पैटर्न उभरा। इसके बाद ही नकली एंटेना और सिर जैसी बनावट विकसित हुई थी।
तो इन सबके एक के बाद क्रमिक विकास का कारण क्या रहा होगा? 
शोधकर्ताओं का मत है कि ये सब एक साथ आ गए क्योंकि प्राकृतिक चयन का एक ही दबाव काम कर रहा था: शिकारियों के हमले। अलबत्ता, यह सवाल बरकरार है कि छद्म सिर का यह गुण इन तितलियों को कितनी व किस तरह की सुरक्षा प्रदान करता है। (स्रोत फीचर्स)