लेखक:   आर. रामानुजम
अनुवाद: अम्बरीष सोनी                                                                                                                                        [Hindi PDF, 64 kB]

नीता आज निहायत परेशान थी, वैसे उस दिन कक्षा में वह बहुत खुश थी और उसे लगा था कि उसने कुछ नया और रोचक सीखा है। लेकिन आज जब वह उस सीखे हुए को दोबारा देख रही थी तो उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था।

उस दिन उन लोगों ने कक्षा में द्विघात समीकरण (quadratic equation) पर काम किया था। कुछ दिनों पहले तक सुनीता ने महज़, 4x2 - 20x + 25 = 0 जैसे समीकरण ही देखे थे जो उसे हल करने में बहुत ही आसान लगते थे। हल करते हुए उसने देखा कि 4x2 - 20x = 25, (2x - 5)2 के समतुल्य है।
और यदि (2x - 5)2 = 0
तो 2x - 5 = 0
और इस प्रकार x = 5/2
फिर उसका सामना एक अलग प्रकार के द्विघात समीकरण से हुआ। तब उसने एक दूसरे प्रकार का समीकरण देखा:
2x2 - 15x + 25 = 0
इसका सीधा मतलब था, सुनीता को अब और काम करना होगा। लेकिन प्रयास और गलतियों के बाद उसने खोज लिया कि
2x2 - 15x अ 25 उ (2x - 5) (x - 5), जिसका मतलब था
(2x - 5) = 0
या (x- 5) = 0
x = 5/2
या x = 5
इसी तरह 2x2 - 16x + 30 को हल करना आसान रहा हालाँकि, यह काफी कठिन दिख रहा था। सुनीता ने पाया कि: 2x2 - 16x + 30 = (2x- 6) (x- 5).

सुनीता बहुत-से उदाहरणों पर काम कर रही थी और धीरे-धीरे प्रयासों के ज़रिए आखिर उसने जान ही लिया कि द्विघात समीकरणों का गुणनखण्ड कैसे करना है। ऐसा लग रहा था मानो किसी हल के लिए कोई विशेष तरीका नहीं था। हर बार फिर से अनुमान लगाना और प्रयास करना होता था जो कभी मज़ेदार होता, तो कभी मुश्किल।
आज से पहले तक यही सब चल रहा था। लेकिन आज तो गज़ब हो गया जब कक्षा में अरुण सर ने कहा कि इसे हल करने के लिए किसी अटकलबाज़ी या अनुमान के हुनर की कतई ज़रूरत नहीं है। इसके बदले शिक्षक ने उन्हें एक तकनीक बताई जिसे ‘कम्प्लीटिंग द स्क्वेयर’ का नाम दिया गया। आखिर इस तकनीक में करना क्या होगा?
4x2 - 8x - 21 = 0
को सबसे पहले 4 से विभाजित किया जाए तो पहला गुणक 1 मिलेगा
x2 - 2x - 21/4 = 0
इसे हम लिख सकते हैं:
x2 - 2x = 21/4
x के गुणांक का आधा करें और उसके वर्ग को समीकरण के दोनों तरफ जोड़ दें। इस समीकरण में x का गुणांक 2 है और उसके आधे को वर्ग करने पर हमें 1 ही प्राप्त होगा। इसलिए
x2 - 2x + 1 = (21/4 + 1)
ध्यान दें, समीकरण का बायाँ हिस्सा सरल बन गया है और दाईं तरफ का मान 25/4 है। इसलिए:
(x - 1)2 = 25/4
इस प्रकार:
(x  - 1)2 = (5/2)2
x - 1 = + 5/2 या -5/2
x = 7/2 या x = -3/2
यह तो बहुत ही आसान है। तभी अरुण सर ने कहा, “इस प्रकार किसी भी ऐसे समीकरण को जो x2 + डx = ड़ हो, हल करने के लिए हम यही प्रक्रिया अपना सकते हैं।” और बहुत-से समीकरणों को हल करते हुए आखिर में उन्होंने कहा, “इसलिए ऐसे समीकरण का हल होगा: x =
चलिए अब हम वापस सुनीता के पास आते हैं जो इस विधि से समीकरणों को हल करने की परेशानी से जूझ रही थी और साथ ही उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इसे ‘कम्प्लीटिंग द स्क्वेयर’ क्यों कहते हैं। इसमें आखिर वर्ग है कहाँ?

सुनीता की माँ ने देखा कि वह काफी परेशान है। पहले तो उन्होंने समस्या को समझा। फिर उन्होंने कुछ चित्र उकेरे और सुनीता को सब कुछ साफ हो गया। क्या आप भी देखना चाहते हैं कि आखिर सुनीता की माँ ने ऐसा कौन-सा जादू किया? तो आइए चित्रों को देखते हैं।


आर. रामानुजम: इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमेटिकल साइंसेज़, चैन्नई से सम्बद्ध।
अँग्रेज़ी से अनुवाद: अम्बरीष सोनी: ‘संदर्भ’ पत्रिका से सम्बद्ध हैं।
यह लेख ‘जंतर मंतर’ पत्रिका के अंक जुलाई-अगस्त 2010 से साभार।