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गतिविधि विशेषांक 

यह गतिविधि विशेषांक गर्मी की छुट्टियों को और मज़ेदार बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें सोचने, बनाने, खोजने, देखने और आज़माने के लिए ढेर सारी गतिविधियाँ हैं, जिन्हें तुम घर पर या अपने आसपास की चीज़ों की मदद से कर सकते हो। 

गतिविधि कोना – अन्तर ढूँढो
चित्र: नरेश पासवान

हूबहू एक जैसे दिखने वाले दो चित्रों में छिपे हुए अन्तरों को ढूँढने की मज़ेदार गतिविधि।

तीलियों की तिकड़म 

माचिस की तीलियों को इधर-उधर करके अलग-अलग आकृतियाँ बनाने की गतिविधि। 

गतिविधि कोना – भूलभुलैया
चित्र: नरेश पासवान

दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को चुनने की जद्दोजहद। 

तुम भी बनाओ – रंग-बिरंगे आर्टवर्क और खा जाओ – कनक शशि अनिल 

रसोई में आम तौर पर मिल जाने वाली चीज़ों से अलग-अलग पैटरर्नों वाली चीज़ें बनाने की एक दिलचस्प गतिविधि। 

गतिविधि कोना – चित्रपहेली 1 

चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।

उठो, दामरी उठो – पंकज साइकिया 

एक नन्हा बछड़ा दामरी और ढेर सारी "हेम्बेय्य"! लेकिन दामरी तो उठने का नाम ही नहीं ले रही। क्या बच्चों का प्यारा-सा गीत उसे खड़ा कर पाएगा, जाानने के लिए पढ़ो खूबसूरत चित्रों से सजी यह कॉमिक। 

शरारत – वीरेन्द्र दुबे 

बच्चों की शरारत पर एक छुटकी कविता। 

नारियल से कलाकारी – विष्णु चिंचालकर 

नारियल के खोल से गुरुजी विष्णु चिंचालकर की बनाई कलाकृतियों की एक झलक। 

गतिविधि कोना – माथापच्ची

कुछ मज़ेदार सवालों और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।

शिकाकु – कविता तिवारी 

दी गई ग्रिड को आयतों और वर्गों में बॉंटने की एक मज़ेदार तर्क आधारित पहेली के बारे में जानो और उसे हल करो। 

कोयल के गीत – नेचर कॉन्ज़र्वेशन फाउंडेशन 

कोयल के गीत से लेकर उसके अनोखे व्यवहार तक, इस लेख में उसके बारे में कई दिलचस्प बातें हैं। साथ ही, एक मज़ेदार गतिविधि भी है, जिसमें तुम खुद कोयल का अवलोकन कर सकते हो।  

तुम भी बनाओ – प्रोजेक्टर – प्रभाकर डबराल  

क्या पुरानी, बेकार पड़ी चीज़ें सच में बेकार होती हैं? ज़रा-सी कल्पना और जुगाड़ से बेकार चीज़ों को काम की और सुन्दर चीज़ों में बदला जा सकता है। 

इस बार प्रभाकर ऐसी ही पुरानी चीज़ों से ‘प्रोजेक्टर’ बनाने का तरीका बता रहे हैं।

शुरुआत और अन्त
चित्र: कनक शशि अनिल 

यह एक ज़ेन कथा है। ज़ेन कथाएँ कम शब्दों में बड़ी बात कह जाती हैं। इन्हें पढ़ते-पढ़ते अक्सर सोचने का एक नया नज़रिया मिल जाता है। 

तुम भी जानो 

मिलो आय-आय से 

मेहमान जो कभी गए ही नहीं – भाग 22 – आर एस रेश्नू राज, ए पी माधवन, टी आर शंकर रमन, दिव्या मुडप्पा, अनीता वर्गीस और अंकिला जे हिरेमथ
रूपान्तरण व अनुवाद: विनता विश्वाथन
चित्र: रवि जाम्भेकर

इस सीरीज़ में हम आसपास पाए जाने वाले कुछ ऐसे आक्रामक एलियन पौधों के बारे में चर्चा करते हैं जो बाहर से आए और हमारे देश में बस गए। इस चर्चा में हम इन पहलुओं को शामिल करते हैं कि ये पौधे कहाँ से आए, कैसे आए, इनके खास गुण क्या हैं, इन्हें कैसे व्यवस्थित किया जाए इत्यादि।

इस बार बात जानिए – ‘मत्स्याक्षी’ के बारे में।

तुम भी जानो 

पृथ्वी को बचा सकता है विशाल चुम्बक 

गतिविधि कोना – माथापच्ची

कुछ मज़ेदार सवालों और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।

तुम भी बनाओ – मोबाइल स्टैंड – रक्षिता सैनी  

क्या पुरानी, बेकार पड़ी चीज़ें सच में बेकार होती हैं? ज़रा-सी कल्पना और जुगाड़ से बेकार चीज़ों को काम की और सुन्दर चीज़ों में बदला जा सकता है। 

इस बार रक्षिता ऐसी ही पुरानी चीज़ों से ‘मोबाइल स्टैंड’ बनाने का तरीका बता रही हैं। 

शहरों में घोंसला बनाते पक्षी – जितेश शेल्के 

पक्षियों के घोंसलों की बात आते ही शायद ज़्यादातर लोगों के मन में पेड़ों का खयाल आता है। लेकिन क्या तुम जानते हो कि कई पक्षी हमारे आसपास की इमारतों और दूसरी चीज़ों पर भी अपना घर बना लेते हैं? ऐसे ही कुछ घोंसलों के बारे में जानो और फिर अपने आसपास बनाए गए घोंसलों की तलाश करो। 

गतिविधि कोना – चित्रपहेली 2 

चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना। 

तुम भी बनाओ – लोमड़ी 

ऑरिगैमी तो तुमने की ही होगी। यहाँ देखो ऑरिगैमी से लोमड़ी बनाने की एक गतिविधि।

गतिविधि कोना – माथापच्ची

कुछ मज़ेदार सवालों और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।

गतिविधि कोना – अन्तर ढूँढो 

हूबहू एक जैसे दिखने वाले दो चित्रों में छिपे हुए अन्तरों को ढूँढने की मज़ेदार गतिविधि।

चित्रकला के इर्द-गिर्द – 3 – सी. एन. सुब्रह्मण्यम् 

हज़ारों साल पहले जब रंगों की डिब्बियाँ और ब्रश नहीं थे, तब लोग चित्र कैसे बनाते थे? आओ जानें कि हमारे पूर्वजों ने चट्टानों पर चित्र बनाने के लिए रंग कैसे बनाए और उनके चित्र हमें क्या बताते हैं। 

गतिविधि कोना – चित्रपहेली 3 

चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना। 

तुम भी जानो 

ऑपरेशन के दौरान गरम हवा… 

तुम भी बनाओ – पत्तों के स्टैम्प – कनक शशि अनिल 

आसपास के पेड़ों की पत्तियों से अलग-अलग तरह के स्टैम्प बनाने की एक गतिविधि।  

बच्चों की रचनाओं का कोना – मेरा पन्ना

लेख व कहानी: कुल्फी का स्वाद - यश, मेरी दुकान - गायत्री, कोलोंग नदी का प्रदूषण - गौतम कुमार पासवान, मस्त वाली शान्ति - मनस करन, काली दीवाली - रूपाली संजय बालपने, उसकी याद आती है - उमैर, खास सहेलियाँ - प्रगति पटेल 
कविता: अम्मी का मन उछला - सानिया
चित्र: समीक्षा मिंज, लक्षिता, करण, अंकुश कुमार, राशनी केरकेट्टा, रावत 

गतिविधि कोना – भूलभुलैया

दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को चुनने की जद्दोजहद।