Read the magazine Download Magazine

मैंने खत लिखा – बच्चों के खत चकमक के नाम।

इन चिट्ठियों में बच्चों का चकमक के प्रति स्नेह, उत्सुकता और आत्मीय जुड़ाव साफ दिखाई देता है। उनके शब्द बताते हैं कि चकमक उनके लिए एक दोस्त की तरह है— जो जिज्ञासा जगाती है, कल्पना को उड़ान देती है और हर महीने अनुभवों की एक नई दुनिया से मिलवाती है।

चकमक की चिट्ठी बच्चों के नाम 

इस चिट्ठी में चकमक टीम ने अपने पाठकों के साथ आत्मीय संवाद किया है। साथ ही अंक में किए गए बदलावों की जानकारी देते हुए पाठकों को अपनी प्रतिक्रिया साझा करने के लिए आमंत्रित भी किया है। 

श्श्श… ये सीक्रेट है! 

इन पन्नों में बच्चों ने अपने मन की तिजोरी खोली है। यहाँ उनके छोटे-छोटे सीक्रेट, अनकही बातें और निजी अनुभव सादगी और भरोसे के साथ साझा हुए हैं।

ख्वाबों में… 

इन पन्नों में बच्चों के सपनों की दुनिया खुलती है— कहीं भूत, ज़ॉम्बी और अँधेरे जंगल हैं, तो कहीं जादुई ताकतें, उड़ान और दोस्ती। डर, रोमांच, हास्य और कल्पना से भरी ये रचनाएँ बताती हैं कि बच्चों की सपनों की दुनिया कितनी रंग-बिरंगी और रहस्यमयी होती है।

मेरे घर का सबसे पुराना सदस्य 

हर घर में कुछ ऐसी चीज़ें होती हैं जो बहुत पुरानी होती हैं, लेकिन उनके साथ ढेर सारी यादें भी जुड़ी होती हैं। ये चीज़ें सिर्फ सामान नहीं होतीं, बल्कि हमारे परिवार की कहानियाँ और बीते समय की झलक अपने भीतर सँजोए रहती हैं। बच्चों ने अपने घरों में रखी ऐसी ही पुरानी चीज़ों को खोजा, उनके बारे में जाना और उनसे जुड़ी यादों को शब्दों और चित्रों में पिरोया। इन पन्नों में पढ़िए उनके घर की सबसे पुरानी चीज़ों की कहानियाँ।

गतिविधि कोना – भूलभुलैया

दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को चुनने की जद्दोजहद। 

बच्चों की नज़र से दुनिया 

इस पन्नों में शामिल रचनाएँ बच्चों की सजग नज़र और संवेदनशील मन की गवाही देती हैं। इनमें कहीं जाति व भेदभाव, जानवरों के दर्द और उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल हैं; कहीं दोस्ती की सहजता है, तो कहीं एक रूमाल के बहाने दया और ज़िम्मेदारी की भाव शामिल है। किसी ने डर और साहस के छोटे-छोटे अनुभव को अपना विषय बनाया, तो किसी ने गाँव के रास्ते या रोज़मर्रा की घटना में छिपी मज़ेदार बात पकड़ ली।

ये रचनाएँ बताती हैं कि बच्चे सिर्फ घटनाएँ नहीं देखते, वे उनके अर्थ भी खोजते हैं। वे सवाल उठाते हैं, तुलना करते हैं, दुखी होते हैं, हँसते हैं, डरते हैं और ये सब अपनी भाषा या चित्रों में दर्ज कर लेते हैं। यही बात इस विशेषांक को खास बनाती है। 

क्या मैच था वो! 

खेल का मैदान सिर्फ जीत-हार की जगह नहीं होता, बल्कि यह साहस, मेहनत, टीमवर्क और दोस्ती की कहानियों से भरा होता है। यहाँ कभी रोमांचक मुकाबले होते हैं, कभी हार से सीख मिलती है और कभी जीत नई उम्मीद जगाती है। इन पन्नों में अलग-अलग जगहों के बच्चों ने अपने जीवन के ऐसे ही यादगार और रोमांचक मैचों के अनुभव साझा किए हैं— कहीं शानदार कमबैक की कहानी है, कहीं पहली बार बड़े मैदान में खेलने का उत्साह, तो कहीं टीम के साथ मिलकर संघर्ष करने का आनन्द।

गतिविधि कोना – अन्तर ढूँढो 

हूबहू एक जैसे दिखने वाले दो चित्रों में छिपे हुए अन्तरों को ढूँढने की मज़ेदार गतिविधि। 

फिल्मी बातें 

फिल्में देखना जितना मज़ेदार होता है, उनके बारे में बातें करना भी उतना ही रोचक हो सकता है। इस कॉलम में बच्चे अपनी पसन्दीदा फिल्मों के विविध पहलुओं पर अपने विचार, अनुभव और समझ साझा करते हैं, जैसे कि कहानी, पात्र, अभिनय, कोई खास सन्देश आदि। 

इस बार देखते हैं बच्चों की नज़र से फिल्म जुमांजी को।  

पहली-पहली बार 

इन पन्नों में बच्चों में उन अनुभवों का ज़िक्र किया है जब उन्होंने घर से बाहर निकलकर कोई ज़िम्मेदारी अपने दम पर निभाई। किसी ने फोन से पेमेंट किया, किसी ने आधार में संशोधन कराया, किसी ने चप्पलें खरीदीं तो किसी ने दूध, सब्ज़ी या अण्डे लेने का साहस जुटाया। इन अनुभवों में थोड़ा-सा डर है, ढेर सारे सवाल हैं, रास्ते की छोटी-बड़ी परेशानियाँ हैं, लेकिन साथ ही आत्मविश्वास और मुस्कान भी है।

गतिविधि कोना – चित्रपहेली

चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।

किताबें कुछ कहती हैं 

इस कॉलम में बच्चे अपनी पसन्द या नापसन्द की किताबों के बारे में अपने विचार लिखते हैं। इस बार पढ़िए द जंगल बुक और बेटी करे सवाल किताबों के बारे में बच्चों के विचार। 

वो मेरा हीरो 

इन पन्नों में बच्चों ने अपने जीवन के उन खास लोगों को “सुपरहीरो” कहा है, जो उनके साथ खड़े रहते हैं— कभी हिम्मत देते हैं, कभी गलती पर समझाते हैं, कभी चुपचाप उनकी ज़रूरतें पूरी करते हैं। 

मन की पसन्दीदा जगह 

इन रचनाओं में बच्चों ने अपनी-अपनी “सबसे मज़ेदार जगह” का चित्र खींचा है। कहीं गाँव का चबूतरा है, कहीं खेत और नदी, कहीं ननिहाल, आँगन, छत, पहाड़ी, पार्क, स्कूल का रीडिंग प्लाज़ा या घर के पास का पेड़। ये जगहें इसलिए खास हैं क्योंकि वहाँ खेल है, दोस्त हैं, परिवार है, कहानियाँ हैं, हवा है, पेड़-पौधे हैं और यादें हैं।

इन लेखों को पढ़ते हुए महसूस होता है कि बच्चों के लिए जगहें अनुभवों का संसार होती है—जहाँ वे हँसते हैं, सीखते हैं, डरते हैं, गिरते हैं, सँभलते हैं और अपने लोगों के साथ समय बिताते हैं। इन्हीं जगहों से उनकी स्मृतियाँ बनती हैं और वही स्थान उनकी दुनिया का सबसे प्यारा कोना बन जाता है।

गतिविधि कोना: तुम भी  बनाओ 

इस कॉलम में बच्चों ने अपने हाथों से बनाई गई चीज़ों की विधि और जुगाड़ साझा की है। किसी ने आइसक्रीम स्टिक से गुड़िया का परिवार तैयार किया तो किसी ने उन पकवानों की रेसिपी साझा की है, तो बड़े-बड़े रेस्टोरेंट में नहीं मिलते, लेकिन घर की रसोई की खासियत है। इस कॉलम में कल्पना, हुनर और घरेलू सामान मिलकर नया रूप ले लेते हैं।

गतिविधि कोना: क्यों-क्यों 

इस कॉलम में हर बार हम बच्चों से एक सवाल पूछते हैं। जिसका जवाब उन्हें सही-गलत की परवाह किए बिना अपने मन से देना होता है। इस बार का सवाल था: “क्या कभी तुम्हें रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर लम्बे समय तक इंतजार करना पड़ा है? इस दौरान तुमने क्या-क्या देखा  क्या अच्छा लगा और क्या बुरा और क्यों?”अक्सर हाालोोगोंं

कई बच्चों ने अपने दिलचस्प जवाब हमें भेजे। इनमें से कुछ आपको यहाँ पढ़ने को मिलेंगे। साथ ही बच्चों के बनाए कुछ चित्र भी देखने को मिलेंगे।

गतिविधि कोना – माथापच्ची

कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।