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इक चिड़िया – लाल्टू
चित्र: अमृता यादव
इक चिड़िया देखी तो उसे खयालों में रख लिया
देखा फूल तो सपनों में उसे देखता रहा...

कच्छ के तैरने वाले ऊँट – रियान्तन मुखर्जी
क्या ऊँट भी तैर सकते हैं? क्या लगता है तुम्हें? नहीं? लेकिन कच्छ के ऊँट तो तैरते हैं। इन अजूबे तैराकों के बारे में हमें बता रहे हैं रियान्तन मुखर्जी।

बाज़ार – प्रीति धुर्वे
चित्र: उबिता 
बाज़ार अपने आप में एक अलग ही दुनिया लगती है। प्रीति इसी दुनिया के अपने अनुभवों के बारे में बता रही हैं।

तुम भी बनाओ – लैम्प
इस बार हम अखबारों और सूखे पत्तों की मदद से लैम्प बनाना सीखेंगे।  

हवा के गीतों पर झूमती गेहूँ की बालियाँ – सुमेर सिंह राठौर
चित्र: सुमेर सिंह राठौर
कई बार ऐसा होता है कि जब हम कहीं जाते हैं तो हमें कोई गीत या कोई फिल्म याद आती है। अपनी हिमाचल की यात्रा के दौरान सुमेर को कुछ कविताएँ याद आईं और उन्हीं को अपने अनुभवों के साथ जोड़ते हुए उन्होंने यह लेख लिख दिया।

भूलभुलैया
फोटो: सुमेर सिंह राठौर
एक लड़की को उसकी भैंस तक पहुँचाने में ज़रा मदद कर दो।

डर का सामना
किट्टू उड़न छू! – हर्षिका उदासी
चित्र: लावण्या नायडू
किट्टू को स्केटिंग करने में हिचकिचाहट हो रही थी लेकिन मैड और स्केटिंग आंटी से पीछा छुड़ाना इतना आसान नहीं था। क्या लगता है तुम्हें किट्टू स्केटिंग कर पाएगा?

पेशाब पर ज़िन्दा चींटियाँ
चींटियाँ मीठे से आकर्षित होती हैं यह तो जानी-मानी बात है, लेकिन पेशाब? यह सिर्फ हमारे लिए ही नहीं, बल्कि उनके लिए भी अचरज की बात थी जिनका इस घटना से पहली बार आमना-सामना हुआ। इसके बारे में और जानना तो मज़ेदार होगा।

तुम भी जानो
जानो ‘हेयर लव’ और ‘कटहल से बनी बैटरी’ के बारे में।

पेड़ों के वासी – नेचर कॉन्ज़र्वेशन फाउंडेशन
पेड़ों पर रहने वाले जीव सिर्फ पक्षी ही नहीं, बल्कि और भी हैं। चलो, क्यों ना उन जीवों के बारे में थोड़ा और जाना जाए?

400वीं चकमक के जश्न की झलकियाँ 
तुम सबके साथ की वजह से चकमक के 400वें अंक का जश्न बहुत ही बढ़िया तरह हो पाया। इसकी कुछ झलकियाँ तुम इन पन्नों में देख सकते हो। 

वैज्ञानिक कैसे दिखते होंगे?
इस बार क्यों-क्यों की जगह हमने अपने दोस्तों से कुछ अलग-सा सवाल पूछा। सवाल था कि तुम्हारे हिसाब से वैज्ञानिक कैसे दिखते होंगे? हमें बहुत ही अलग-अलग तरह के जवाब मिले। इनमें से कुछ तुम यहाँ देख सकते हो। 

I love you – गायत्री
चित्र: समिधा गुंजल
प्यार शब्द जितना आसान लगता है इसे समझना शायद उतना ही मुश्किल है। गायत्री ने कुछ बच्चों के साथ इस बारे में चर्चा करी। यह पढ़कर चाहो तो तुम भी प्यार के बारे में अपने विचार हमसे साझा कर सकते हो।  

मेरा पन्ना
वाकये – साँड और स्कूटी की टक्कर, हमारे पड़ोसवाले चाचा, वो दिन याद रहा और मेरे दादा।
कहानी – जम्बो की कहानी
कविता – चिड़ियाघर 
और रंग-बिरंगे चित्रों से भरे इस बार के पन्ने।

माथापच्ची
कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों के साथ इस बार की माथापच्ची।

चित्रपहेली
चित्रों में दिए गए क्लू के बारे में सोचो और चित्रपहेली को सुलझाओ।

तुम भी जानो 
जानो ‘बैटरी पर चलने वाला प्लेन’ और ‘हम ठण्डे हो रहे हैं’।

मुर्गी नानी – फहीम अहमद
चित्र: प्रशान्त सोनी
मुर्गी नानी के घर पहुँचे
चच्चा अल्लादीन।
बोले नानी मुझको दे दो
ताज़े अण्डे तीन।...