विगत दो सदी में भारत में विज्ञान लेखन वृहद स्तर पर हुआ है और कई विशिष्ट शैलियों का विकास हुआ है। इन्हें पुस्तकों तथा पत्रिकाओं के ज़रिए पाठकों तक पहुंचाया जा चुका है। यहां मूलत: विज्ञान पत्रिकाओं की चर्चा की गई है।

पत्रिकाओं की विषयवस्तु
शुरुआत में भारतीय विज्ञान पत्रिकाओं में 19वीं सदी का समय मूल रूप से साहित्य, सूचना और शिक्षा पर केंद्रित रहा। विज्ञान को भी प्राथमिक स्तर पर साहित्यिक मनीषियों, पत्रिकाओं ने जगह दी। भारतीय संदर्भ में विज्ञान जागृति की अलख जगाने की शुरुआत सर्वप्रथम साहित्यिक पत्रिकाओं से हुई। साहित्यिक पत्रिकाओं ने जनमानस में विज्ञान जागरण के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
विज्ञान जागरण की पहली आधार स्तंभ बांग्ला भाषा बनी। अप्रैल 1818 में श्रीरामपुर (ज़िला हुगली, पश्चिम बंगाल) के बेपटिस्ट मिशनरियों ने बांग्ला और अंग्रेज़ी में मासिक दिग्दर्शन पत्रिका का प्रकाशन आरंभ किया। इसके संपादक थे क्लार्क मार्शमैन (1793-1877)। दिग्दर्शन का हिंदी अनुवाद भी प्रकाशित किया गया था। पत्रिका के हिंदी में अंक में दो वैज्ञानिक लेख प्रकाशित किए गए थे - ‘अमेरिका की खोज’ और ‘बैलून द्वारा आकाश यात्रा’। यह भारत में विज्ञान प्रकाशन का पहला कदम था।
जनवरी 1878 से बनारस से प्रकाशित द्विभाषी पत्रिका काशी को हिंदी में विज्ञान लोकप्रियकरण का पहला उदाहरण माना जा सकता है। बालेश्वर प्रसाद के संपादन और रामानंद के प्रबंधन में चन्द्रप्रभा प्रेस द्वारा हिंदी और उर्दू में यह पत्रिका हर शुक्रवार को प्रकाशित होती थी। इसके मुखपृष्ठ पर छपा होता था - ‘ए वीकली एजुकेशनल जर्नल ऑफ साइंस, लिटरेचर एण्ड न्यूज़ इन हिन्दुस्तानी’।

 
विज्ञान पत्रिकाओं का आरंभ
विज्ञान पत्रिकाओं में सर्वप्रथम विज्ञान के किसी एक विषय को ही आधार बनाते हुए प्रकाशन आरंभ हुआ। चिकित्सा पहला मुख्य विषय रहा जिस पर किसी विज्ञान पत्रिका का प्रकाशन हुआ। डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के अनुसार चिकित्सा विषय की पहली पत्रिका 1842 में चिकित्सा सोपान नाम से श्रीराम शास्त्री के संपादन में प्रकाशित हुई। इसके बाद सन 1881 में प्रयाग से आरोग्य दर्पण नाम से चिकित्सा सम्बंधी विषयों को लेकर एक और पत्रिका प्रकाशित हुई। 
चिकित्सा के बाद कृषि मुख्य विषय रहा जिस पर पत्रिका प्रकाशन हुआ। डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के अनुसार कृषि की पहली पत्रिका 1911 में किसान मित्र नाम से पटना से रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा हिंदी भाषा में प्रकाशित की गई।
अलबत्ता विज्ञान के और भी विविध विषय थे जो अभी तक अछूते रहे थे। 20वीं सदी के दूसरे दशक में विज्ञान के सभी विषयों को समावेशित कर उन पर लेख, समाचार और जानकारी प्रकाशित करने का कार्य हुआ। विशुद्ध रूप से विज्ञान पत्रिका होने का श्रेय विज्ञान नामक पत्रिका को जाता है। 1913 में प्रयागराज में विज्ञान परिषद की स्थापना की गई थी जिसने 1915 से विज्ञान पत्रिका का प्रकाशन आरंभ किया था।
विज्ञान पत्रिका के बाद सबसे महत्वपूर्ण नाम प्राणिशास्त्र नामक पत्रिका का आता है। इसका प्रकाशन प्रसिद्ध विद्वान देवी शंकर मिश्र द्वारा किया गया। 1948 में देवी शंकर द्वारा भारतीय प्राणिशास्त्र परिषद की स्थापना की गई थी और इसी परिषद के अंतर्गत 1948 में प्राणिशास्त्र का प्रकाशन आरंभ किया गया। 
भारत सरकार द्वारा भी आज़ादी के बाद विज्ञान प्रसार को बढ़ावा देने का कार्य आरंभ किया गया। इसके लिए सन 1952 से भारत सरकार की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा विज्ञान प्रगति पत्रिका का प्रकाशन आरंभ किया गया। पत्रिका अपने उत्कृष्ट प्रकाशन तथा सामग्री के लिए सन 2022 में राष्ट्रीय राजभाषा कीर्ति सम्मान से भी सम्मानित हो चुकी है। 
विज्ञान संसार की एक और महत्वपूर्ण पत्रिका का प्रकाशन 1961 में इंडियन प्रेस, प्रयाग द्वारा विज्ञान जगत नाम से हुआ। इस सचित्र मासिक पत्रिका के संपादक आर. डी. विद्यार्थी थे।
सन 1969 से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई द्वारा वैज्ञानिक विषयों पर वैज्ञानिक नामक त्रैमासिक पत्रिका का प्रकाशन किया जा रहा है। पत्रिका के शुरुआती अंकों का संपादन ब्रजमोहन पांडे, डॉ. प्रताप कुमार माथुर, उमेश चंद्र मिश्र तथा माधव सक्सेना द्वारा किया गया था।
भारत सरकार के उपक्रम द्वारा एक और राष्ट्रीय पत्रिका आविष्कार का प्रकाशन सन 1971 से नेशनल रिसर्च डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन, नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है।
हिंदी विज्ञान पत्रिकाओं के प्रकाशन इतिहास के क्रम में सन 2018 तक कई अन्य पत्रिकाएं भी प्रकाशित की गईं। इनकी सूची लेख के अंत में दी गई है।

सामाजिक प्रभाव
साक्षरता के स्तर को बढ़ाने तथा जन-जागृति पैदा करने में पत्र-पत्रिकाओं की विशेष भूमिका रही है। इस दृष्टिकोण से हिंदी की विज्ञान पत्रिकाओं ने अपने सौ वर्षों से भी लंबे सफर में महत्वपूर्ण कार्य किया है। पत्रिकाओं ने जनमानस और विद्यार्थियों में तार्किक वैज्ञानिक सोच विकसित करने का कार्य किया। नवागत विज्ञान लेखकों का सृजन हुआ। हिंदी विज्ञान लेखन हिंदी साहित्य की नई विधा के रूप में स्थापित हुआ। महिलाओं को भी विज्ञान लेखन के प्रति आकृष्ट करने का कार्य विज्ञान पत्रिकाओं ने किया। विज्ञान विषयों पर प्रकाशित महत्वपूर्ण विशेषांकों ने विषय विशेष पर सामाजिक जागरूकता उत्पन्न की। (स्रोत फीचर्स)

 

भारत में प्रकाशित हिन्दी भाषीय विज्ञान पत्रिकाओं की सूची

क्र.

पत्रिका

प्रकाशन

प्रकाषन वर्ष

1

 विज्ञान

मासिक

1915

2

 धनवन्तरी

मासिक

1924

3

 बालक

मासिक

1926

4

 मैसूर

मासिक

1942

5

 कृषक जगत

मासिक

1945

6

 सचित्रा आयुर्वेद

मासिक

1948

7

 होम्योपैथी संदेश

मासिक

1948

8

 किसानी समाचार

मासिक

1948

9

 प्राकृतिक जीवन

मासिक

1948

10

 बाल भारती

मासिक

1948

11

 खेती

मासिक

1949

12

 प्राणिशास्त्र

मासिक

1950

13

 स्वास्थ्य और जीवन

मासिक

1950

14

 कृषि और पशुपालन

मासिक

1952

15

 उन्नत कृषि

मासिक

1952

16

 गौ संवर्धन

मासिक

1952

17

 विज्ञान प्रगति

मासिक

1958

18

 विज्ञान परिषद् अनुसंधान पत्रिका

त्रैमासिक

1960

19

 आयुर्वेद महासम्मेलन पत्रिका

मासिक

1960

20

 साइंस टुडे

मासिक

1960

21

 लोक विज्ञान

मासिक

1960

22

 विज्ञान जगत

मासिक

1961

23

 विज्ञान लोक

मासिक

1961

24

 नंदन

मासिक

1964

25

 वैज्ञानिक बालक

मासिक

1964

26

 वैज्ञानिक

त्रैमासिक

1968

27

 कृषि चयनिका

त्रैमासिक

1969

28

 आविष्कार

मासिक

1971

29

 भारतीय चिकित्सा संपदा

मासिक

1975

30

 विज्ञान डाइजेस्ट

मासिक

1975

31

 विज्ञान भारती

द्वैमासिक

1978

32

 निरोगधाम

मासिक

1979

33

 फल-फूल

द्वैमासिक

1979

34

 विज्ञान परिचय

मासिक

1979

35

 ज्ञान-विज्ञान

मासिक

1979

36

 होशंगाबाद विज्ञान

मासिक

1980

37

 आयुर्वेदिक विज्ञान औषधि अनुसंधान

मासिक

1980

38

 ग्राम शिल्प

त्रैमासिक

1981

39

 विज्ञानपुरी

त्रैमासिक

1981

40

 विज्ञानदूत

मासिक

1982

41

 पर्यावरण

अर्धवार्षिक

1983

42

 विज्ञान प्रवाह

मासिक

1983

43

 चकमक

मासिक

1985

44

 ब्रिटिश वैज्ञानिक एवं आर्थिक समीक्षा

त्रैमासिक

1985

45

 विज्ञान गरिमा सिंधु

त्रैमासिक

1986

46

 आई.सी.एम.आर.

मासिक

1986

47

 साइफन

मासिक

1986

48

 विज्ञान विथिका

मासिक

1986

49

 विज्ञान बन्धु

साप्ताहिक

1987

50

 जिज्ञासा

अर्धवार्षिक

1987

51

 पर्यावरण डाइजेस्ट

मासिक

1987

52

 स्पेस इंडिया

त्रैमासिक

1987

53

 इलेक्ट्रानिकी आपके लिए

मासिक

1988

54

 विज्ञान गंगा

त्रैमासिक

1988

55

 स्रोत

मासिक

1989

56

 पर्यावरण

मासिक

1990

57

 भारतीय वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान

अर्धवार्षिक

1993

58

 बालवाटिका

मासिक

1995

59

 प्रसार दूत

अर्धवार्षिक

1996

60

 ड्रीम 2047

मासिक

1998

61

 पर्यावरण ऊर्जा टाइम्स

मासिक

1998

62

 विज्ञान आपके लिए

मासिक

1998

63

 विज्ञान आलोक

त्रैमासिक

1998

64

 नवसंचेतना (राजभाषा पत्रिका)

अर्धवार्षिक

1998

65

 ज्ञान गारिमा सिंधु

त्रैमासिक

2000

66

 तरंग

वार्षिक

2000

67

 विज्ञान कथा

त्रैमासिक

2001

68

 ऊर्जायन

वार्षिक

2001

69

 विपनेट

मासिक

2002

70

 विज्ञान प्रकाश

त्रैमासिक

2002

71

 स्पैन

मासिक

2003

72

 बच्चों का इंद्रधनुष

मासिक

2004

73

 ज्ञान विज्ञान बुलेटिन

मासिक

2004

74

 बच्चों का इंद्रधनुष

मासिक

2004

75

 बाल प्रहरी

मासिक

2004

76

 साइंस टाइम्स न्यूज एवं व्यूज

मासिक

2005

77

 मुक्त शिक्षा

अर्धवार्षिक

2005

78

 साइंस इंडिया

मासिक

2005

79

 गर्भनाल

वार्षिक

2006

80

 कृषि प्रसंस्करण दर्पण

अर्धवार्षिक

2006

81

 अक्षय ऊर्जा

द्वैमासिक

2006

82

 पैदावार मासिक कृषि

मासिक

2007

83

 विज्ञान गंगा

वार्षिक

2007

84

 साइंटिफिक वर्ल्ड

मासिक

2007

85

 हरबोला

मासिक

2007

86

 विज्ञान परिचर्चा

त्रैमासिक

2009

87

 दुधवा लाइव

मासिक

2010

88

 सर्प संसार

मासिक

2010

89

 हरियाणा साइंस बुलेटिन

मासिक

2010

90

 हमारा भूमंडल

मासिक

2010

91

 जल चेतना

त्रैमासिक

2011

92

 भूगोल और आप

द्वैमासिक

2011

93

 भारतीय मसाला फसल अनुसंधान संस्थान

वार्षिक

2012

94

 कृषि का शोध

वार्षिक

2012

95

 जिज्ञासा

वार्षिक

2012

96

 अनुसंधान शोध

वार्षिक

2013

97

 किसान खेती

त्रैमासिक

2014

98

 विपनेट क्यूरीसिटी

मासिक

2016

99

 डाउन टू अर्थ

मासिक

2016

100

 टेक्निकल टुडे

त्रैमासिक

2016

101

 बालवाणी

द्वैमासिक

2016

102

 आई वंडर

अर्धवार्षिक

2017

103

 प्रौद्योगिकी विशेष

द्वैमासिक

2018

104

 कृषि मंजूषा

अर्धवार्षिक

2018